श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम के यहाँ कालका आगमन और एक कठोर शर्त के साथ उनका वार्ता के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.103.11 
तमुवाच ततो राम: स्वागतं ते महामते।
प्रापयस्व च वाक्यानि यतो दूतस्त्वमागत:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् श्री राम ने उनसे कहा- 'महामते! आपका स्वागत है। आप जिसके लिए दूत बनकर यहाँ आये हैं, उसका संदेश आप तक पहुँचाएँ।'॥11॥
 
Thereafter Shri Ram said to him- 'Mahamate! You are most welcome. Please convey the message of the person for whom you have come here as a messenger.'॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)