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ramayan 7.103.10: श्री राम के अनुरोध पर वक्ताओं में श्रेष्ठ महाशस्वी मुनि शुभ समाचार सुनाकर दिव्य सुवर्णमय सिंहासन पर विराजमान हो गए॥10॥   |   ramayan सर्ग 7.103: श्रीराम के यहाँ कालका आगमन और एक कठोर शर्त के साथ उनका वार्ता के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.103.10 
पृष्टश्च कुशलं तेन रामेण वदतां वर:।
आसने काञ्चने दिव्ये निषसाद महायशा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के अनुरोध पर वक्ताओं में श्रेष्ठ महाशस्वी मुनि शुभ समाचार सुनाकर दिव्य सुवर्णमय सिंहासन पर विराजमान हो गए॥10॥
 
On Shri Ram's request, Mahashasvi Muni, the best among the speakers, sat on the divine golden throne after telling good news. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)