Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.102.4: सौम्य! ऐसे देश की खोज करो, जहाँ अन्य राजाओं को रहने से कष्ट या कष्ट न उठाना पड़े, जहाँ आश्रमों का नाश न करना पड़े और हमें किसी की दृष्टि में अपराधी न बनना पड़े।’ ॥4॥ | ramayan सर्ग 7.102: श्रीराम की आज्ञा से भरत और लक्ष्मण द्वारा कुमार अङ्गद और चन्द्रकेतु की कारुपथ देश के विभिन्न राज्यों पर नियुक्ति । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न राज्ञां यत्र पीडा स्यान्नाश्रमाणां विनाशनम्।
स देशो दृश्यतां सौम्य नापराध्यामहे यथा॥ ४॥
अनुवाद
सौम्य! ऐसे देश की खोज करो, जहाँ अन्य राजाओं को रहने से कष्ट या कष्ट न उठाना पड़े, जहाँ आश्रमों का नाश न करना पड़े और हमें किसी की दृष्टि में अपराधी न बनना पड़े।’ ॥4॥
Soumya! Look for such a country, where other kings do not have to suffer or be troubled by living there, where ashrams do not have to be destroyed and we do not have to become criminals in anybody's eyes.' ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥