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ramayan 7.102.1: भरत से गन्धर्वदेश का समाचार सुनकर श्री रामचन्द्रजी अपने भाइयों सहित अत्यन्त प्रसन्न हुए। तत्पश्चात् श्री राघवेन्द्र ने अपने भाइयों से ये अद्भुत वचन कहे- 1॥   |   ramayan सर्ग 7.102: श्रीराम की आज्ञा से भरत और लक्ष्मण द्वारा कुमार अङ्गद और चन्द्रकेतु की कारुपथ देश के विभिन्न राज्यों पर नियुक्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.102.1 
तच्छ्रुत्वा हर्षमापेदे राघवो भ्रातृभि: सह।
वाक्यं चाद्भुतसंकाशं भ्रातॄन् प्रोवाच राघव:॥ १॥
 
 
अनुवाद
भरत से गन्धर्वदेश का समाचार सुनकर श्री रामचन्द्रजी अपने भाइयों सहित अत्यन्त प्रसन्न हुए। तत्पश्चात् श्री राघवेन्द्र ने अपने भाइयों से ये अद्भुत वचन कहे- 1॥
 
Shri Ramchandraji along with his brothers were very happy to hear the news of Gandharvadesh from Bharat. After that Shri Raghavendra spoke these wonderful words to his brothers – 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)