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ramayan 7.100.9-10h: महाबाहो! यदि तुम्हें अपने मामा, पुरुषोत्तम युधाजित् का सन्देश रुचिकर लगे, तो उसे सुनो॥9 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  7.100.9-10h 
मातुलस्ते महाबाहो वाक्यमाह नरर्षभ:॥ ९॥
युधाजित् प्रीतिसंयुक्तं श्रूयतां यदि रोचते।
 
 
अनुवाद
महाबाहो! यदि तुम्हें अपने मामा, पुरुषोत्तम युधाजित् का सन्देश रुचिकर लगे, तो उसे सुनो॥9 1/2॥
 
Mahabaho! If you find the message conveyed by your maternal uncle, the best of men, Yudhajit, interesting, then listen to it.॥ 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)