श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  7.100.8-9h 
रामस्य भाषितं श्रुत्वा महर्षि: कार्यविस्तरम्॥ ८॥
वक्तुमद्भुतसंकाशं राघवायोपचक्रमे।
 
 
अनुवाद
श्री रामजी का यह प्रश्न सुनकर महर्षि ने उन्हें इस अद्भुत कार्य का विवरण सुनाना आरम्भ किया-॥8 1/2॥
 
On hearing this question from Shri Ram, the great sage began to narrate to him the details of this wonderful deed -॥ 8 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)