vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान
»
श्लोक 23
श्लोक
7.100.23
भूतग्रामाश्च बहवो मांसभक्षा: सुदारुणा:।
गन्धर्वपुत्रमांसानि भोक्तुकामा: सहस्रश:॥ २३॥
अनुवाद
उस सेना के साथ हजारों अत्यन्त भयंकर मांसाहारी भूतगण गंधर्व पुत्रों का मांस खाने के लिए चले।23.
Thousands of extremely fearsome carnivorous ghosts went along with that army to eat the flesh of the Gandharva sons. 23.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×