Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.100.11-12h: हे वीर रघुनन्दन! युद्धकला में निपुण और अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित गंधर्वराज शैलूष की संतान, तीन करोड़ पराक्रमी गंधर्व उस देश की रक्षा करते हैं। | ramayan सर्ग 7.100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे वीर रघुनन्दन! युद्धकला में निपुण और अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित गंधर्वराज शैलूष की संतान, तीन करोड़ पराक्रमी गंधर्व उस देश की रक्षा करते हैं।
Valiant Raghunandan! The three crore mighty Gandharvas, progeny of Gandharva King Shailush, who are skilled in the art of war and well-equipped with weapons, protect that country.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥