Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.100.10-11h: उन्होंने कहा है कि सिन्धु नदी के दोनों तटों पर स्थित, फलों और मूलों से सुशोभित यह गंधर्व देश अत्यंत सुन्दर प्रदेश है।   |   ramayan सर्ग 7.100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  7.100.10-11h 
अयं गन्धर्वविषय: फलमूलोपशोभित:॥ १०॥
सिन्धोरुभयत: पार्श्वे देश: परमशोभन:।
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा है कि सिन्धु नदी के दोनों तटों पर स्थित, फलों और मूलों से सुशोभित यह गंधर्व देश अत्यंत सुन्दर प्रदेश है।
 
He has said that this Gandharva country, adorned with fruits and roots, situated on both the banks of the river Sindhu, is a very beautiful region. 10 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)