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ramayan 7.10.22: हे महादानव! तुम जो कह रहे हो, वह सत्य होगा।’ श्री राम! दशग्रीव से ऐसा कहकर पितामह ने पुनः कहा-॥22॥   |   ramayan सर्ग 7.10: रावण आदि की तपस्या और वर-प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 10: रावण आदि की तपस्या और वर-प्राप्ति  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.10.22 
भविष्यत्येवमेतत् ते वचो राक्षसपुङ्गव।
एवमुक्त्वा तु तं राम दशग्रीवं पितामह:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे महादानव! तुम जो कह रहे हो, वह सत्य होगा।’ श्री राम! दशग्रीव से ऐसा कहकर पितामह ने पुनः कहा-॥22॥
 
O great demon! What you are saying will come true.' Shri Ram! Having said this to Dashagriva, the grandfather again said -॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)