श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 1: श्रीराम के दरबार में महर्षियों का आगमन, उनके साथ उनकी बातचीत तथा श्रीराम के प्रश्न  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.1.26 
कुर्वन्त: कदनं घोरमेते शस्त्रास्त्रपारगा:।
अन्तकप्रतिमैर्बाणैर्दिष्टॺा विनिहतास्त्वया॥ २६॥
 
 
अनुवाद
ये सब रात्रिचर प्राणी अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण थे। इन्होंने जगत् में भयंकर उत्पात मचाया था; परंतु आपने अपने ब्रह्माण्ड के अंत के समान बाणों द्वारा उन सबको मार डाला; यह बड़े आनन्द की बात है॥ 26॥
 
‘All these nocturnal creatures were experts in the use of weapons. They had created a terrible havoc in the world; but you killed them all with your arrows that were like the end of the universe; this is a matter of great joy.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)