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श्लोक 6.98.4-5h  |
तेऽर्दिता बाणवर्षेण महापार्श्वेन वानरा:॥ ४॥
विषादविमुखा: सर्वे बभूवुर्गतचेतस:। |
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| अनुवाद |
| महापार्श्व के बाणों की वर्षा से बहुत से वानर व्याकुल होकर युद्ध से विमुख हो गए। वे सब-के-सब मूर्च्छित हो गए। |
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| Many monkeys were afflicted by Mahaparsva's shower of arrows and turned away from the battle. All of them lost their consciousness. 4 1/2 |
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