Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.98.3-4h: महापार्श्व ने क्रोध में भरकर अपने बाणों से अनेक वानरों की भुजाएँ काट डालीं और अनेक वानरों की पसलियाँ तोड़ डालीं।   |   ramayan सर्ग 6.98: अङ्गद के द्वारा महापार्श्व का वध.   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 98: अङ्गद के द्वारा महापार्श्व का वध.  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  6.98.3-4h 
केषांचिदिषुभिर्बाहूंश्चिच्छेदाथ स राक्षस:॥ ३॥
वानराणां सुसंरब्ध: पार्श्वं केषांचिदाक्षिपत्।
 
 
अनुवाद
महापार्श्व ने क्रोध में भरकर अपने बाणों से अनेक वानरों की भुजाएँ काट डालीं और अनेक वानरों की पसलियाँ तोड़ डालीं।
 
Mahaparsva, filled with rage, cut off the arms of some with his arrows and broke the ribs of many monkeys. 3 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)