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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 98: अङ्गद के द्वारा महापार्श्व का वध.
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श्लोक 15-16h
श्लोक
6.98.15-16h
स तु क्षिप्तो बलवता परिघस्तस्य रक्षस:॥ १५॥
धनुश्च सशरं हस्ताच्छिरस्त्राणं च पातयत्।
अनुवाद
महाबली योद्धा अंगद द्वारा चलाए गए महापार्श्व राक्षस के सिर से बाणों सहित धनुष और मुकुट गिर पड़े ॥15 1/2॥
The bow with arrows and the helmet fell from the head of the mighty demon Mahaparshva, driven by the mighty warrior Angad. 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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