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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध
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श्लोक 5
श्लोक
6.97.5
जहि शत्रुचमूं वीर दर्शयाद्य पराक्रमम्।
भर्तृपिण्डस्य कालोऽयं निर्वेष्टुं साधु युध्यताम्॥ ५॥
अनुवाद
‘वीर! आज अपना पराक्रम दिखाओ और शत्रु सेना का संहार करो। यही समय है अपने स्वामी के अन्न का बदला चुकाने का। इसलिए अच्छी तरह युद्ध करो।’॥5॥
‘Valiant! Show your valour today and kill the enemy army. This is the time to repay the food of your master. So fight well.’॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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