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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध
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श्लोक 4
श्लोक
6.97.4
उवाच च समीपस्थं महोदरमनन्तरम्।
अस्मिन् काले महाबाहो जयाशा त्वयि मे स्थिता॥ ४॥
अनुवाद
उन्होंने पास ही खड़े महोदर से कहा - 'महाबाहो! इस समय मेरी विजय की आशा केवल आप पर ही निर्भर है।
He said to Mahodar who was standing nearby - 'Mahabaho! At this moment my hope of victory depends only on you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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