श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.97.32 
स तु शूरो महावेगो वीर्यश्लाघी महोदर:।
महावर्मणि तं खड्गं पातयामास दुर्मति:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
दुर्बुद्ध के वीर और पराक्रमी योद्धा महोदर ने, जो अपने बल पर गर्व करते थे, अपनी तलवार से सुग्रीव के विशाल कवच पर प्रहार किया।
 
Mahodara, the brave and valiant warrior of Durbuddha, who was proud of his strength, struck Sugreeva's huge armour with his sword.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)