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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध
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श्लोक 23
श्लोक
6.97.23
ततो जग्राह तेजस्वी सुग्रीवो वसुधातलात्।
आयसं मुसलं घोरं सर्वतो हेमभूषितम्॥ २३॥
अनुवाद
तब महाप्रतापी सुग्रीव ने भूमि से एक भयंकर लोहे का मूसल उठाया, जिसके सब ओर सोने की माला जड़ी हुई थी॥ 23॥
Then the illustrious Sugreeva picked up from the ground a terrible iron pestle, all sides of which were studded with gold.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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