श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.97.15 
तां तु भिन्नां शिलां दृष्ट्वा सुग्रीव: क्रोधमूर्च्छित:।
सालमुत्पाटॺ चिक्षेप तं स चिच्छेद नैकधा॥ १५॥
 
 
अनुवाद
चट्टान को टूटा हुआ देखकर सुग्रीव को बहुत क्रोध आया। उसने एक शलाका वृक्ष उखाड़कर राक्षस पर फेंका, किन्तु राक्षस ने उसके कई टुकड़े कर दिए।
 
Seeing the rock broken, Sugreeva became very angry. He uprooted a Shalaka tree and threw it at the demon, but the demon broke it into many pieces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)