vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध
»
श्लोक 14
श्लोक
6.97.14
रक्षसा तेन बाणौघैर्निकृत्ता सा सहस्रधा।
निपपात तदा भूमौ गृध्रचक्रमिवाकुलम्॥ १४॥
अनुवाद
राक्षस के बाणों से हजारों टुकड़ों में कटकर वह शिला पृथ्वी पर व्याकुल गिद्ध समुदाय के समान गिर पड़ी।
That rock, cut into thousands of pieces by the demon's arrows, fell on the earth like a distressed community of vultures. 14.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×