श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.97.14 
रक्षसा तेन बाणौघैर्निकृत्ता सा सहस्रधा।
निपपात तदा भूमौ गृध्रचक्रमिवाकुलम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
राक्षस के बाणों से हजारों टुकड़ों में कटकर वह शिला पृथ्वी पर व्याकुल गिद्ध समुदाय के समान गिर पड़ी।
 
That rock, cut into thousands of pieces by the demon's arrows, fell on the earth like a distressed community of vultures. 14.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)