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ramayan 6.96.27-28h: गिरे हुए सुग्रीव ने पुनः उठकर वज्र के समान जोर से उस राक्षस को थप्पड़ मारा।   |   ramayan सर्ग 6.96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  6.96.27-28h 
स समुत्थाय पतित: कपिस्तस्य व्यसर्जयत्॥ २७॥
तलप्रहारमशने: समानं भीमनि:स्वनम्।
 
 
अनुवाद
गिरे हुए सुग्रीव ने पुनः उठकर वज्र के समान जोर से उस राक्षस को थप्पड़ मारा।
 
The fallen Sugreeva got up again and slapped the demon with a loud sound like a thunderbolt. 27 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)