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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.96.18 
तत: पादपमुद‍्धृत्य शूर: सम्प्रधनो हरि:।
अभिपत्य जघानास्य प्रमुखे तं महागजम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वह न केवल एक वीर योद्धा था, बल्कि वह शान से लड़ना भी जानता था; इसलिए उसने एक पेड़ उखाड़ा, आगे बढ़ा और उसे अपने सामने खड़े विशाल हाथी पर फेंक दिया।
 
Not only was he a valiant warrior, he also knew how to fight gracefully; so he uprooted a tree, moved forward and threw it at the huge elephant standing in front of him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)