श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.96.15 
स तं द्विपमथारुह्य विरूपाक्षो महाबल:।
ननर्द भीमनिर्ह्रादं वानरानभ्यधावत॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उस हाथी पर सवार होकर महाबली विरुपाक्ष ने भयंकर वाणी में गर्जना की और बड़े जोर से वानरों पर आक्रमण किया।
 
Mounting that elephant, the mighty Virupaksha roared in a terrifying voice and attacked the monkeys with great force.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)