vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध
»
श्लोक 12
श्लोक
6.96.12
कपिराजविमुक्तैस्तै: शैलवर्षैस्तु राक्षसा:।
विकीर्णशिरस: पेतुर्विकीर्णा इव पर्वता:॥ १२॥
अनुवाद
बंदरों के राजा द्वारा फेंकी गई चट्टानों की बौछार से राक्षसों के सिर कुचल गए और वे टूटे हुए पहाड़ों की तरह नीचे गिर पड़े।
The shower of rocks hurled by the King of the Monkeys crushed the heads of the demons and they fell down like collapsed mountains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×