श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.95.9 
ततोवाच प्रहस्यैतान् रावण: क्रोधमूर्च्छित:।
महोदरमहापार्श्वौ विरूपाक्षं च राक्षसम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् रावण क्रोध से मूर्छित होकर जोर से हंसने लगा और महोदर, महापार्श्व तथा राक्षस विरुपाक्ष से कहने लगा- 9॥
 
After that Ravana almost fainted with anger and laughed loudly and said to Mahodar, Mahaparshva and the demon Virupaksha - 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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