Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.95.54: दस सिर वाले रावण की आँखें क्रोध से घूम रही थीं। वह युद्धभूमि में अपने रथ पर जहाँ भी जाता, वानर योद्धा उसके बाणों के वेग का सामना नहीं कर पाते थे। 54. | ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दस सिर वाले रावण की आँखें क्रोध से घूम रही थीं। वह युद्धभूमि में अपने रथ पर जहाँ भी जाता, वानर योद्धा उसके बाणों के वेग का सामना नहीं कर पाते थे। 54.
The eyes of the ten-headed Ravana were rolling with anger. Wherever he went in the battlefield in his chariot, the monkey warriors could not withstand the force of his arrows. 54.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे पञ्चनवतितम: सर्ग: ॥ ९ ५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें पञ्चानबेवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ९ ५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥