श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  6.95.53 
निरुच्छ्वासा हता: केचित् केचित् पार्श्वेषु दारिता:।
केचिद् विभिन्नशिरस: केचिच्चक्षुर्विनाकृता:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
कुछ घायल होकर मर गए। रावण ने कुछ वानरों की पसलियाँ फाड़ दीं, कुछ के सिर कुचल दिए और कुछ को अंधा कर दिया। 53.
 
Some were injured and died. Ravan tore the ribs of some monkeys, crushed the heads of some and blinded some. 53.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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