Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.95.48: इन भयंकर विपत्तियों को अपने सामने देखकर भी रावण ने उनकी परवाह नहीं की। काल और मोह से प्रेरित होकर वह आत्म-हत्या के लिए तत्पर हो गया। | ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन भयंकर विपत्तियों को अपने सामने देखकर भी रावण ने उनकी परवाह नहीं की। काल और मोह से प्रेरित होकर वह आत्म-हत्या के लिए तत्पर हो गया।
Even after seeing these terrible troubles in front of him, Raavan did not care about them. Inspired by time and infatuation, he set out to kill himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥