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ramayan 6.95.46: ज्यों ही राक्षस दशग्रीव युद्ध के लिए निकला, त्यों ही युद्धभूमि में उसकी मृत्यु के संकेत प्रकट होने लगे ॥ 46॥   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.95.46 
ततो निष्पततो युद्धे दशग्रीवस्य रक्षस:।
रणे निधनशंसीनि रूपाण्येतानि जज्ञिरे॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
ज्यों ही राक्षस दशग्रीव युद्ध के लिए निकला, त्यों ही युद्धभूमि में उसकी मृत्यु के संकेत प्रकट होने लगे ॥ 46॥
 
As soon as the demon Dashagriva went out for the war, the signs indicating his death started appearing on the battlefield. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)