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ramayan 6.95.45: उसकी बाईं आँख फड़कने लगी। उसका बायाँ हाथ अचानक काँपने लगा। उसका चेहरा पीला पड़ गया और उसकी आवाज़ कुछ बदल गई ॥4 5॥   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  6.95.45 
नयनं चास्फुरद् वामं वामो बाहुरकम्पत।
विवर्णवदनश्चासीत् किंचिदभ्रश्यत स्वन:॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
उसकी बाईं आँख फड़कने लगी। उसका बायाँ हाथ अचानक काँपने लगा। उसका चेहरा पीला पड़ गया और उसकी आवाज़ कुछ बदल गई ॥4 5॥
 
His left eye started twitching. His left arm suddenly started shaking. His face turned pale and his voice changed somewhat. ॥4 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)