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ramayan 6.95.42: उसके रथ के घोड़े बहुत तेज़ थे। उन्हें लेकर वह महारथी लंका के उसी द्वार से बाहर निकला जहाँ श्री राम और लक्ष्मण उपस्थित थे।   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  6.95.42 
तत: प्रजविताश्वेन रथेन स महारथ:।
द्वारेण निर्ययौ तेन यत्र तौ रामलक्ष्मणौ॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
उसके रथ के घोड़े बहुत तेज़ थे। उन्हें लेकर वह महारथी लंका के उसी द्वार से बाहर निकला जहाँ श्री राम और लक्ष्मण उपस्थित थे।
 
The horses of his chariot were very fast. With them, that mighty warrior came out of Lanka from the same gate where Shri Ram and Lakshman were present.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)