श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.95.37 
तेन नादेन महता पृथिवी समकम्पत।
तं शब्दं सहसा श्रुत्वा वानरा दुद्रुवुर्भयात्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उस भयंकर ध्वनि से पृथ्वी काँप उठी। उस भयानक ध्वनि को सुनकर सभी वानर सहसा भयभीत होकर भाग गए। 37.
 
The earth trembled with that great sound. Hearing that terrifying sound all the monkeys suddenly fled in fear. 37.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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