Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.95.32-33: उस रथ को देखकर सभी राक्षस बड़े आश्चर्य से चकित हो गए। राक्षसराज रावण ने जैसे ही उसे देखा, वह अचानक उठ खड़ा हुआ। वह रथ करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी और प्रज्वलित अग्नि के समान चमक रहा था। उसमें आठ घोड़े जुते हुए थे। उस पर एक सारथी बैठा था। वह रथ अपनी चमक से जगमगा रहा था। रावण तुरन्त उस भयानक रथ पर सवार हो गया। | ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस रथ को देखकर सभी राक्षस बड़े आश्चर्य से चकित हो गए। राक्षसराज रावण ने जैसे ही उसे देखा, वह अचानक उठ खड़ा हुआ। वह रथ करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी और प्रज्वलित अग्नि के समान चमक रहा था। उसमें आठ घोड़े जुते हुए थे। उस पर एक सारथी बैठा था। वह रथ अपनी चमक से जगमगा रहा था। रावण तुरन्त उस भयानक रथ पर सवार हो गया।
Seeing that chariot, all the demons were astonished with great wonder. As soon as the demon king Ravana saw it, he suddenly stood up. That chariot was as radiant as millions of Suns and glowed like a blazing fire. Eight horses were harnessed to it. A charioteer was seated on it. That chariot was shining with its brilliance. Ravana immediately mounted that fearsome chariot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥