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श्लोक 6.95.29  |
बलाध्यक्षाश्च संस्थाप्य राज्ञ: सेनां पुर:स्थिताम्।
एतस्मिन्नन्तरे सूत: स्थापयामास तं रथम्॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार सेनापतियों ने एक विशाल सेना लाकर राक्षसराज रावण के सामने खड़ी कर दी। इसी बीच सारथी ने भी एक रथ लाकर रावण के सामने प्रस्तुत कर दिया। |
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| In this manner the army commanders brought a huge army and made it stand before the demon king Ravana. Meanwhile the charioteer brought a chariot and presented it there. |
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