श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.95.29 
बलाध्यक्षाश्च संस्थाप्य राज्ञ: सेनां पुर:स्थिताम्।
एतस्मिन्नन्तरे सूत: स्थापयामास तं रथम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सेनापतियों ने एक विशाल सेना लाकर राक्षसराज रावण के सामने खड़ी कर दी। इसी बीच सारथी ने भी एक रथ लाकर रावण के सामने प्रस्तुत कर दिया।
 
In this manner the army commanders brought a huge army and made it stand before the demon king Ravana. Meanwhile the charioteer brought a chariot and presented it there.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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