श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 27-28
 
 
श्लोक  6.95.27-28 
अथानयन् बलाध्यक्षाश्चत्वारो रावणाज्ञया।
रथानां नियुतं साग्रं नागानां नियुतत्रयम्॥ २७॥
अश्वानां षष्टिकोटॺस्तु खरोष्ट्राणां तथैव च।
पदातयस्त्वसंख्याता जग्मुस्ते राजशासनात्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
रावण की आज्ञा पाकर चार सेनापति एक लाख से अधिक रथ, तीन लाख हाथी, साठ करोड़ घोड़े, उतने ही गधे और ऊँट तथा असंख्य पैदल सैनिक लेकर वहाँ पहुँचे। वे सब सैनिक राजा की आज्ञा पाकर वहाँ गए॥ 27-28॥
 
On Ravana's orders, four army commanders arrived with more than a lakh chariots, three lakh elephants, sixty crore horses, the same number of donkeys and camels and innumerable foot soldiers. All those soldiers went there on the king's orders.॥ 27-28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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