| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना » श्लोक 25-26 |
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| | | | श्लोक 6.95.25-26  | असिभि: पट्टिशै: शूलैर्गदाभिर्मुसलैर्हलै:।
शक्तिभिस्तीक्ष्णधाराभिर्महद्भि: कूटमुद्गरै:॥ २५॥
यष्टिभिर्विविधैश्चक्रैर्निशितैश्च परश्वधै:।
भिन्दिपालै: शतघ्नीभिरन्यैश्चापि वरायुधै:॥ २६॥ | | | | | | अनुवाद | | वे तलवारें, लाठी, कीलें, गदा, मूसल, हल, तेज धार वाले हथियार, बड़ी कुल्हाड़ियाँ, लाठी, विभिन्न प्रकार के चक्र, तेज कुल्हाड़ी, भिंडी, कुल्हाड़ी और अन्य प्रकार के उत्कृष्ट हथियारों से सुसज्जित थे। | | | | They were equipped with swords, sticks, spikes, maces, pestles, ploughs, sharp-edged weapons, large axes, sticks, various types of discs, sharp axes, ladybugs, axes and other types of excellent weapons. | | ✨ ai-generated | | |
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