श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.95.22 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा महापार्श्वोऽब्रवीद् वच:।
बलाध्यक्षान् स्थितांस्तत्र बलं संत्वर्यतामिति॥ २२॥
 
 
अनुवाद
रावण के वे वचन सुनकर महापार्श्व ने वहाँ खड़े सेनापतियों से कहा, 'सेना को तुरन्त कूच करने की आज्ञा दो।'
 
Hearing those words of Ravana, Mahaparsva said to the generals standing there, 'Order the army to march immediately.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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