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ramayan 6.95.21: मेरा रथ शीघ्र तैयार किया जाए, मेरा धनुष शीघ्र लाया जाए और जो राक्षस बच गए हैं, वे मेरे पीछे युद्ध में आएं।'   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.95.21 
कल्प्यतां मे रथ: शीघ्रं क्षिप्रमानीयतां धनु:।
अनुप्रयान्तु मां युद्धे येऽत्र शिष्टा निशाचरा:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
मेरा रथ शीघ्र तैयार किया जाए, मेरा धनुष शीघ्र लाया जाए और जो राक्षस बच गए हैं, वे मेरे पीछे युद्ध में आएं।'
 
My chariot should be prepared quickly, my bow should be brought quickly and the demons who have survived should follow me into the battle.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)