श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.95.20 
अद्य काकाश्च गृध्राश्च ये च मांसाशिनोऽपरे।
सर्वांस्तांस्तर्पयिष्यामि शत्रुमांसै: शराहतै:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
आज मैं अपने बाणों से मारे गए शत्रुओं के मांस से कौओं, गिद्धों तथा अन्य मांसाहारी पशुओं को तृप्त करूंगा।
 
Today, I will satisfy crows, vultures and other carnivorous animals with the flesh of the enemies killed by my arrows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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