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ramayan 6.95.2: वह गहरी साँस लेकर कुछ देर तक गहन विचार में पड़ा रहा; तत्पश्चात रावण अत्यंत क्रोधित हो गया और अत्यंत भयानक दिखाई देने लगा॥2॥   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.95.2 
स तु दीर्घं विनि:श्वस्य मुहूर्तं ध्यानमास्थित:।
बभूव परमक्रुद्धो रावणो भीमदर्शन:॥ २॥
 
 
अनुवाद
वह गहरी साँस लेकर कुछ देर तक गहन विचार में पड़ा रहा; तत्पश्चात रावण अत्यंत क्रोधित हो गया और अत्यंत भयानक दिखाई देने लगा॥2॥
 
He took a deep breath and remained in deep thought for a while; after that Ravan became very angry and started looking very scary.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)