श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.95.16 
सशरैरद्य वदनै: संख्ये वानरयूथपा:।
मण्डयिष्यन्ति वसुधां सनालैरिव पङ्कजै:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
आज युद्धभूमि में गिरे हुए वानर योद्धा अपने बाण-छेदे हुए मुखों से कंद-दल कमलों का भ्रम उत्पन्न करके युद्धभूमि की शोभा बढ़ाएँगे॥16॥
 
Today, the monkey warriors who have fallen on the battlefield will enhance the beauty of the battle-field by creating the illusion of lotuses with tubers with their arrow-pierced mouths.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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