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ramayan 6.95.13: ‘आज मैं अपने धनुष से पंखयुक्त बाणों का जाल बिछाऊँगा और वानरों के मुख्य समूहों को अलग-अलग मार डालूँगा।॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.95.13 
अद्य वानरमुख्यानां तानि यूथानि भागश:।
धनुषा शरजालेन वधिष्यामि पतत्त्रिणा॥ १३॥
 
 
अनुवाद
‘आज मैं अपने धनुष से पंखयुक्त बाणों का जाल बिछाऊँगा और वानरों के मुख्य समूहों को अलग-अलग मार डालूँगा।॥13॥
 
‘Today I will spread a net of winged arrows with my bow and kill the main groups of monkeys separately.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)