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ramayan 6.95.11: आज मैं शत्रुओं का वध करके खर, कुम्भकर्ण, प्रहस्त और इन्द्रजीत की मृत्यु का पूर्णतया बदला लूँगा।   |   ramayan सर्ग 6.95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 95: रावण का अपने मन्त्रियों को बुलाकर शत्रुवधवि षयक अपना उत्साह प्रकट करना और सबके साथ रणभूमि में आकर पराक्रम दिखाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.95.11 
खरस्य कुम्भकर्णस्य प्रहस्तेन्द्रजितोस्तथा।
करिष्यामि प्रतीकारमद्य शत्रुवधादहम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
आज मैं शत्रुओं का वध करके खर, कुम्भकर्ण, प्रहस्त और इन्द्रजीत की मृत्यु का पूर्णतया बदला लूँगा।
 
Today, by killing the enemy, I will fully avenge the deaths of Khar, Kumbhakarna, Prahastha and Indrajit.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)