श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 94: राक्षसियों का विलाप  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.94.38 
तं न पश्यामहे लोके यो न: शरणदो भवेत्।
राघवेणोपसृष्टानां कालेनेव युगक्षये॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
संसार में हमें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं दिखता जो प्रलय के समय काल के समान संकटग्रस्त हम राक्षसियों को शरण दे सके।' 38.
 
We do not see any such person in the world who can provide shelter to us demonesses who are in trouble like Kaal at the time of apocalypse.' 38.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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