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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्लोक 34
श्लोक
6.94.34
दैवतैस्तु समागम्य सर्वैश्चेन्द्रपुरोगमै:।
वृषध्वजस्त्रिपुरहा महादेव: प्रतोषित:॥ ३४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् इन्द्र आदि समस्त देवताओं ने मिलकर त्रिपुरों का नाश करने वाले वृषभध्वज महादेवजी को संतुष्ट किया॥34॥
After that, all the gods like Indra together satisfied Mahadevji, the destroyer of Tripura, Vrishabhadhwaj. 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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