| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 94: राक्षसियों का विलाप » श्लोक 24 |
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| | | | श्लोक 6.94.24  | रुद्रो वा यदि वा विष्णुर्महेन्द्रो वा शतक्रतु:।
हन्ति नो रामरूपेण यदि वा स्वयमन्तक:॥ २४॥ | | | | | | अनुवाद | | ऐसा प्रतीत होता है कि श्री राम का रूप धारण करके भगवान रुद्रदेव, भगवान विष्णु, शतक्रतु इंद्र अथवा स्वयं यमराज ही हमारा संहार कर रहे हैं॥24॥ | | | | It seems that by taking the form of Shri Ram, Lord Rudradev, Lord Vishnu, Shatkratu Indra or Yamraj himself is killing us. 24॥ | | ✨ ai-generated | | |
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