श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 94: राक्षसियों का विलाप  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.94.17 
जघान बलिनं राम: सहस्रनयनात्मजम्।
वालिनं मेरुसंकाशं पर्याप्तं तन्निदर्शनम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
‘मेरु पर्वत के समान विशाल इन्द्रपुत्र वालि को श्री राम ने एक ही बाण से मार डाला। उसकी शक्ति का अनुमान करने के लिए यही एक उदाहरण पर्याप्त है॥17॥
 
‘Vaali, the son of Indra, who was as huge as Mount Meru, was killed by Shri Ram with a single arrow. That one example is enough to estimate his power.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)