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ramayan 6.93.34: जब घोड़े और रथ नष्ट हो गए और ध्वजाएँ फट गईं, तब जो राक्षस मरकर भी जीवित बचे थे, वे शान्त होकर लंकापुरी की ओर भाग गए। 34.   |   ramayan सर्ग 6.93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.93.34 
ते हताश्वा हतरथा: शान्ता विमथितध्वजा:।
अभिपेतु: पुरीं लङ्कां हतशेषा निशाचरा:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
जब घोड़े और रथ नष्ट हो गए और ध्वजाएँ फट गईं, तब जो राक्षस मरकर भी जीवित बचे थे, वे शान्त होकर लंकापुरी की ओर भाग गए। 34.
 
When the horses and chariots were destroyed and the flags were torn apart, the demons who had survived the death became calm and fled to Lankapuri. 34.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)