Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.93.21: जिस प्रकार वन में बहती हुई वायु बड़े-बड़े वृक्षों को हिलाकर तोड़ देती है, फिर भी वे दिखाई नहीं देते, उसी प्रकार जब भगवान राम ने राक्षसों की विशाल सेना को विचलित कर दिया और अनेक महारथियों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, तब भी राक्षस उन्हें देख नहीं पाए। | ramayan सर्ग 6.93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार वन में बहती हुई वायु बड़े-बड़े वृक्षों को हिलाकर तोड़ देती है, फिर भी वे दिखाई नहीं देते, उसी प्रकार जब भगवान राम ने राक्षसों की विशाल सेना को विचलित कर दिया और अनेक महारथियों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, तब भी राक्षस उन्हें देख नहीं पाए।
Just as the wind blowing in a forest shakes and breaks large trees, yet it cannot be seen. Similarly, when Lord Rama disturbed the large army of demons and mauled many great warriors to pieces, yet the demons were unable to see Him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥