श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.93.20 
कृतान्येव सुघोराणि रामेण रजनीचरा:।
रणे रामस्य ददृशु: कर्माण्यसुकराणि ते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
रात्रि के समय हम लोग श्री रामचन्द्रजी द्वारा युद्धभूमि में किए गए अत्यंत भयंकर और दुष्ट कर्मों को ही देख पाए, परंतु उनके स्वरूप को नहीं देख पाए॥20॥
 
During the night, we could only see the most terrible and evil deeds done by Shri Ramchandraji in the battlefield, but not his form. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)