vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार
»
श्लोक 20
श्लोक
6.93.20
कृतान्येव सुघोराणि रामेण रजनीचरा:।
रणे रामस्य ददृशु: कर्माण्यसुकराणि ते॥ २०॥
अनुवाद
रात्रि के समय हम लोग श्री रामचन्द्रजी द्वारा युद्धभूमि में किए गए अत्यंत भयंकर और दुष्ट कर्मों को ही देख पाए, परंतु उनके स्वरूप को नहीं देख पाए॥20॥
During the night, we could only see the most terrible and evil deeds done by Shri Ramchandraji in the battlefield, but not his form. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×